The School Weekly - 5th May 2014

News
28th April 14: Bali has begun to experience high temperatures and severe heat. So far highest temperature has risen to 40 degree Celsius and minimum has been 29 degree Celsius. Humidity at 25%. Considering this the DEO, Bali has ordered all school authorities to reschedule the schools and run them between 7:30 AM to 11:30 AM.

29th April 14: The whole week was a busy one with parents and wards coming to collect retest results. Class Teachers and Subject Teachers counseled parents on how to build marks and develop concepts in the week subjects to help overcome losing marks. Since school is falling short of a classroom for Class XI, they have been shifted to the hut near the academic block. Students are enjoying the change as this is an open classroom. 

3rd May 14: The first Inter House Talent Competition for the academic session 2014-15 took place. Students showcased their talent in folk dance, folk songs, instrumental and mimicry. 40 students from all the three pools (Junior, Middle, Senior) participated in the competition. Maximum winners appeared from Chanakya House.

Point of View
Kailash Kumar’s Interview (the second older employee)
सवाल : आपका नाम क्या है?
जवाब : मेरा नाम कैलाश कुमार है। 
सवाल : आप इस स्कूल में कब आये?
जवाब : मैंने फरवरी 2000 में स्कूल में काम करना शुरू किया। 
सवाल : उस समय आपको कितने रुपये मिलते थे?
जवाब : शुरुआत में मुझे 1200 रुपये मिलते थे लेकिन मैंने जयंत सर से बात करके 1500 रुपये करवाई। 
सवाल : उस समय स्कूल कैसी थी और वाईस प्रिंसिपल कौन थे?
जवाब : उस समय स्कूल में तीन ब्लॉक और दो कमरे थे, स्कूल 10वीं तक थी, 300 बच्चे थे और उस समय वाईस प्रिंसिपल वीणा मेम थे।  
सवाल : क्या उस समय बसें थी?
जवाब : हाँ उस समय 3 बसें थी लुणावा, सेवाड़ी, फलना, बीजापुर, सेला, बाली, कोट, मुण्डारा और रडावा जाती थी। 
सवाल : उस समय लाइब्रेरी कैसी थी?
जवाब : उस समय लाइब्रेरी बहुत अच्छी थी, जरुरत की सभी किताबे भी मिल जाती थी और उस समय बच्चे भी लाइब्रेरी में सही तरीके से बैठते थे। 
सवाल : उस समय एनुअल डे कहाँ पर मनाते थे?
जवाब : उस समय किसी भी जगह को लीपकर वहां पर एनुअल डे मनाते थे। 
सवाल : उस समय बच्चे और अध्यापक कौनसी भाषा उसे करते थे?
जवाब : मारवाड़ी भाषा। 
सवाल : आपने जयंत सर के साथ कितने समय  काम किया?
जवाब : 6 साल तक लेकिन मेरी सैलरी नहीं बढी। 
सवाल : आपके साथ और कौन काम करता था। 
जवाब : हम 4 लोग थे। बेबी बाई, राजारामजी, अमराराम। 
सवाल: राजारामजी के बारे मे बताइये?
जवाब : वो विकलाँग थे। उनके साथ उनका पूरा परिवार काम करता था। पर तँन्खा एक की मिलती थी। 
सवाल : उस समय स्कूल कैसी चल रही थी?
जवाब : उस समय स्कूल पूरी बाली मे सबसे अच्ची चल रही थी और आज गवर्नमेंट स्कूल के समान है। 
सवाल : उस समय गेम्स टीचर कौन थे?
जवाब : गजराज सर थे। 2005 में उन्होंने स्कूल छोड़ दी। 
सवाल : आप का नाम स्कूल के रजिस्टर मे चलता था। 
जवाब : हाँ, मेरा नाम स्कूल के रजिस्टर मे चलता था।                                                                                   
सवाल : जब स्कूल मे क्या वॉलेंटियर्स आते थे?
जवाब : हां आते थे। वो 6 - 7 सितमबर को वो आते थे।  
सवाल : जयंत सर ने स्कूल कब छोङी?
जवाब : 2006 में उन्होंने स्कूल छोड़ दी। 
सवाल : फिर मेम आऐ?
जवाब : हां, मेम अच्चे थे। 
सवाल : मेम के समय कितनीं बस थीं?            
जवाब : मेम के समय 2 बसे थी। 
सवाल : मेम के समय मे स्कूल क़ैसी थीं?
जवाब : स्कूल की कंडीशन अच्छी नहीँ थीं। रोड कच्चा था बरसात के समय बच्चे बहुत पेरशान होते थे। फिर मेम ने रोड को सही करवया। 
सवाल : मेम ने आप के लिए क्या-क्या किया?
जवाब : मेम ने हमारे लिए बहुत कुछ किया।प धन्यवाद।
जय भारत, जय हिन्दुस्तान, हम होगे कामयाब। 
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